एक विनती मेरी अवाम से
उन सारे देश जहान से
ये वक़्त बेहद नाज़ुक़ है
कोरोना का पड़ा इक चाबुक है
हालात अभी कुछ गंभीर है
लड़ रहे कई लाखों वीर हैं
थोड़ा सयंम और थोड़ी समझदारी
सफाई और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी
साफ़ हाथ और दूरी सबसे
बुख़ार और ख़ासी हैं लक्षण इसके
एक जुट होने की बारी
दूर भगाओ अब ये बिमारी
ग़लत सूचना मत फैलाओ
सरकार से मिलकर हाथ बढ़ाओ
आज ना हुआ तो फिर कल का रोना
बढ़ने से पहले रोको कोरोना , बढ़ने से पहले रोको कोरोना |
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