by Rani Kuksal ✓ · 25 Aug 2017
चिरकाल से एकांकी जीवन जीकर इतिहास की गाथा गाती तो कभी भविष्य को आलिंगनबद्ध करने को अतुराती इन मौजों में खोई मैं अब भी सशंकित सम्मोहित विस्फारित नेत्रों से प्रत्यक्ष ऊर्जा स्त्रोत को देखकर उन्मादित ...
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