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#saynotorape
90 poems
बलात्कार
Goldi Mishra · 1 min read · 661 reads
गूंजती है आज भी फिज़ा में हजारों सिसकियां, घुट घुट कर तड़पती है इस समाज में बेटियां!
Tragedy
ज़िन्दगी
Antariksha Saha · 1 min read · 11.8K reads
तुम मुझसे सब कुछ छीन सकते जो नहीं छीन सकते वो मेरे लड़ने का जज़्बा!
Inspirational
बलात्कार के ख़िलाफ एक रचना
Ashish Aggarwal · 1 min read · 14.1K reads
कैसे ना भरोसा उठे उसका फ़ितरत-ऐ-इन्सान से, सभी फूल चुरा ले गया हो कोई जिस गुलिस्तान से।..........................
Others
प्रिय डायरी: मेरी दिनचर्या
Er Saurabh Pandey · 2 min read · 235 reads
इन दिनों लाक डाउन के समय मैं अपनी हर सुबह एक नए तरीके से जीता हूं
Others
एक रेप पीड़िता की आवाज़
Prashant V Shrivastava · 1 min read · 8.5K reads
कराहती हुई रूह को सहलाते हैं खुदा करेगा इन्साफ ये समझाते हैं
Crime
लड़नी होगी लम्बी लड़ाई
Amrendra Suman · 1 min read · 7.4K reads
या जीना चाहते हो उन तमाशबीनों के लिये रहम की भीख मांगती जिनकी आँखोें के सामने गिड़गिड़ाती रही फूलमती और इधर हँसते रहे वे...
Crime
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