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Poem · Others

सेरोगेट मदर’

by Indu Singh ✓ · 23 Aug 2017

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मानव का सृजन जब से करने लगा मानव किराये की कोख भी तब से बेचने लगा मानव भरकर परखनली में मानव बनाने का फार्मूला करने उसको परिपक्व किसी मजबूर को खरीद डाला

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