by अमीर हमज़ा ✓ · 28 Sept 2018
'छीन गई मेरी घूमने की आज़ादी, दर-दर भटक रहा हूँ बनकर फरियादी, सुंदर शोख़ हसीना अब रही ना मुझको याद, शादी के बाद शादी के बाद।'
Loading comments…
Loading comments…