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#sun
21 poems
किरनों सी आज़ादी
Ashna Choudhary · 1 min read · 13.3K reads
बहती नदी की है यह धारा,जिसने सपनों का पर फैलायाज्यों सागर की नीली गहराई,उतनी लहरों की तनहाई|
Others
सूरज की किरण
Mahendra Mehra · 1 min read · 7.2K reads
सूरज की किरण...।
Inspirational
रोशनी रात की
Anushree Goswami · 1 min read · 13.5K reads
तारों की रोशनी के बारे में एक कविता...।
Crime
अपने
Shilpa Mahto · 1 min read · 7K reads
जब "अपने" घर पहुंचेगी अपने...!
Drama
मोम के पंख
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 14.1K reads
मोम के कोमल पंख लगाकर मैं क्यों सूरज को छूना चाहता हूँ ?
Drama
पहली किरण
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 1.6K reads
सूर्य की पहली किरण सिमट जाती लाली बनके।
Drama
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