by Pratik Dhawalikar ✓ · 22 Mar 2018
भूख के मारे बेहाल हूँ मैं, पानी के लिए भी लड़ाई है, आशियाना तो बस ख़्वाब में है, लेकिन जिंदगी ने बुरी नींद दिलायी है।
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