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Poem · Drama

तेरी जय हो

by नवल पाल प्रभाकर दिनकर ✓ · 3 Aug 2018

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मनवांछित फल देने वाली समाहित अन्दर करने वाली रूप करोड़ों बदलने वाली हे सतरूपा, हे महामाया तेरी जय हो, तेरी जय हो।

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तेरी जय हो · StoryMirror