by Dedicated to Youth Neeraj Singh ✓ · 23 Jan 2019
शीतल सी धारा बहे अपनी ही मस्ती में यहाँ मोड़ पे बल खाये जो ये नदिया तो तेरी याद आये शांत जो ये है सागर कितनी गहराई लिये
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