by Prateek Tiwari (तलाश) ✓ · 24 Dec 2019
पन्नों पर आखर उकेरें हैं हमने सूरत को याद तेरी करते करते , शब्दों को आवाज़ दे न सके हम रहे जीते फ़रियाद तेरी करते करते
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