by Bhavna Thaker ✓ · 31 Mar 2019
उगते प्रहर में खुलते ही चक्षुद्वार पगरव गुँजे उर के अंदर एक प्यारा सा बवंडर उठे बजते रहते है मंदिर की घंटीयों से तुम्हारे
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