उल्काएं गिरती है तो गिरे
सिर्फ मेरा घर नहीं जलने वाला
कब तक आशा करोगे रहनुमाओं की
यहां कोई खुदा नहीं आने वाला
दुख के साए में हम है
तो कल कोई और आएगा
ये ढलती हुई शाम है
हमेशा मेरे हिस्से नहीं रहने वाला
आज खुश है वो देखकर
की मेरे हाथ दबे हैं,
ये बाजी ही तो है
हमेशा एक करवट नहीं रहने वाला
प्यास लगी हो तो उपाय ढूंढ़ो
यहां समंदर नहीं आने वाला
वक़्त का तकाज़ा तो देखो
यहां रेत भी निचोड़ा जाएगा।
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