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#villagelove
1876 poems
प्रीत का रोग
Jaswant Lal Khatik · 1 min read · 7.3K reads
तुम अलबेली शाम हो, मेरे प्यारे गाँव की...!
Drama
मेरा गांव
ananya rai · 1 min read · 222 reads
चिड़ियों की चहचहाहट से प्यारे, जीवनमय बगिया खिलखिलाती मिलेगी।।
Fantasy
अब वो गाँव अपना सा नहीं लगता
Satish Chandra · 2 min read · 234 reads
है लगता जैसे एक सपना ना मैं था गांव का ना था गाँव अपना।
Abstract
दूर कहीं मेरे गाँव में
Adil Sarfarosh · 1 min read · 7.6K reads
मधुर-मधुर कोयल की बोली बचपन के मित्रों की टोली और खेल वो आँख मिचोली एक आम की छांव में दूर कहीं मेरे गाँव में...
Children
आखिर पीपल रोता क्यों है ?
Asha Pandey · 1 min read · 13.9K reads
एक ओर हरा-भरा गाँव बजती हैं जानवरों के गले की घंटियाँ चरवाहों की हँसी के साथ दूसरी ओर रिसता है पीपल गाँव में है चर्चा...
Drama
लाइफ इन सिटी
Vivek Netan · 1 min read · 20.5K reads
थकी - थकी - सी है यह बेज़ार ज़िंदगी अब इसे थोड़े आराम की ज़रूरत है पसीने - पसीने हो गई है जल - जल के...
Drama
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