by Saroj Tiwari ✓ · 23 Nov 2016
असीमित प्रेम अमूल्य अतुल्य अद्भुत स्नेह है अवचेतन मन में आदर्श अदृश्य छवि है अस्तित्व तुम्हारे नेह का सम्पूर्ण और समृद्ध है............
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