by Anju Kapoor ✓ · 24 Aug 2018
'कर दो विसर्जन, मन के उन सभी विकारों का, जिनके लिये कभी खुद को, क्षमा नहीं कर पाते हो।' जीवन में बुरे छोड़ अच्छाई की और चलो।
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