by Nikhil Sharma ✓ · 30 Jul 2017
उन में करने का मेरा कोई इरादा न था संग जीने मरने का किया कोई वादा न था बिन कुछ कहे जाने कैसे यह मंजिलें जुड़ गयी हर तड़प दिल की धड़कन बढ़ाती है
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