120Log inSign up
Poem · Others

वसुधैव - कुटुंबकम्

by Dhan Pati Singh Kushwaha ✓ · 20 Nov 2019

259Reads
15Likes
1Min read

हिन्द के हम वीर हैं ,सब संकटों में धीर हैं, मौत का हमें न डर , सच की छोड़ें न डगर,

Loading comments…

वसुधैव - कुटुंबकम् · StoryMirror