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#womenlife
1832 poems
नारी का सम्मान
धर्मेन्द्र अरोड़ा "मुसाफ़िर" · 1 min read · 1.4K reads
क़लम की धार से चाहे बदल देना सभी मंज़र सदाकत जो अलग करती नहीं ऐसी दया रखना।
Drama
साड़ी
Yuvraj Gupta · 1 min read · 1.7K reads
साड़ी क्यों नहीं पहनती तुम ? पहना करो अच्छी लगती हो ... सूखे पत्तों के बीच, गुलाब की पंखुड़ी लगती हो।
Drama
महिला दिवस
Shubham Gupta · 1 min read · 6.9K reads
तब मै भी प्रफुल्लित मन से मंगल गीत गाऊंगा, हर्षोल्लास के साथ महिला दिवस मनाऊंगा ।
Drama
मैं यूं भी जी लेती हूं
आशा दिनकर · 1 min read · 6.9K reads
मैं औरत हूँ, कभी कभी, यूं भी जी लेती हूँ।।
Drama
नारायणी
Palash Jaiswal · 1 min read · 142 reads
नारी तू नारायणी तू ही काली कल्याणी
Drama
मैंने उसे मुस्कुराते देखा है
Shelly Gupta · 1 min read · 64 reads
पी कर हलाहल मैंने उसे मुस्कुराते देखा है!
Abstract
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