लिखता हूँ जब तुझको तो
दुनिया शोर करती है
पढ़ता हूँ जब तुझको तो
आशिक ढोंग रचते हैं
तुम ही बताओ सनम
मेरी मोहब्बत की तन्हाई को !
सच्चा आशिक हूँ तेरा
तो कैसे तुझे छोड़ सकता हूँ...?
लिखता हूँ जब तुझको तो
दुनिया शोर करती है
पढ़ता हूँ जब तुझको तो
आशिक ढोंग रचते हैं
तुम ही बताओ सनम
मेरी मोहब्बत की तन्हाई को !
सच्चा आशिक हूँ तेरा
तो कैसे तुझे छोड़ सकता हूँ...?
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