by Nikhil Sharma ✓ · 27 Aug 2017
मैं तूफ़ान से अब क्या कहूँ, जाने क्यूँ वो इतराता है मैं हूँ वो माझी जो, तूफ़ानों में जहाज़ चलाता है इन आँधियों से है ख़ौफ़ क्या , मुझे पत्ते सा उड़ना आता है
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