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Poem · Romance

यह शाम

by Vishal Ajmera ✓ · 1 Jul 2017

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यह वक़्त भी ढल जाएगा यह शाम युही गुज़र जाएगी। यह महफ़िल जो आज सजी जाने कल कहाँ मिल पाएगी।

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यह शाम · StoryMirror