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Poem · Romance

ज़द स॓ जिद तक

by Ankit Chauhan ✓ · 18 Aug 2018

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'उसने हमें छोड़ा, हमनें प्यार को, और कर बैठे खुद से रुसवाई, वक्त जैसी फितरत थी उसकि, ना ठहरी ना हाथ आयी । एक सुंदर कविता।

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ज़द स॓ जिद तक · StoryMirror