120Log inSign up
Poem · Abstract

ज़िन्दगी की रेत पर,

by Yash Dhilor ✓ · 8 Oct 2017

13.6KReads
6Likes
3Min read

दिल की दहलीज़ पर, प्यार के कुछ कदम, बेख़ौफ़, बेफ़िक्र, रखते चलो, रखते चलो|

Loading comments…

ज़िन्दगी की रेत पर, · StoryMirror