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#बंद
21 storys
नेताजी की रैली
Satpreet Singh · 6 min read · 497 reads
“ये लोग यहाँ लड़ने के लिए काफ़ी हैं, हम कहीं और से लड़ लेंगे।"
Drama
कश्मकश
Rakesh Kumar Nanda · 22 min read · 15K reads
इस शाम ने आज हर किसी की जिंदगी की दशा और दिशा बदल के रख दी थी। जिस प्रेम के विरोध में इस बंद का आह्वाहन किया गया था दिन ख़तम होते होते ये बंद सभी के दिलों में प्रेम का ही प्रसार कर गया। खैर अंत भला तो सब भला।
Inspirational
तितली
Swati Rani · 2 min read · 185 reads
अगला दिन सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज सब बंद थे।
Others
कलह वायरस
Mridula Mishra · 1 min read · 131 reads
जिंदगी थम सी गई थी
Others
जल्दबाजी से देर भली
Saroj Prajapati · 3 min read · 561 reads
आगे से एक बात गांठ बांध घर की ओर कदम बढ़ाया कि ऐसी जल्दबाजी से देर भली।
Drama
बंद खिड़की खुल गई
Anju Sharma · 13 min read · 13.3K reads
अब उसे माँ की बातें याद आने लगी। कहा था न माँ ने, "आज शाम को मत जाओ! रविवार को दिन में चली जाना! जानती नहीं क्या वो इलाका कहाँ पड़ता है? मेरा मन नहीं मानता बिट्टो, देर हो गई और कुछ हो गया तो? क्या भरोसा उन लोगों का ..... "
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