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#सखी
20 storys
बोझ
Sakhi Singh · 1 min read · 7.2K reads
पर आपने तो कहा था की अब हम उनके यहाँ नहीं जायेंगे कभी, क्यों की उनके लिए हम मात्र बोझ है।” रेखा ने पति को आश्चर्य से देखते हुए कहा।
Inspirational
भारत की लोककथाएं
Gita Parihar · 3 min read · 421 reads
आज की सभा यहां समाप्त, कल फिर जानेंगे, भारत की किसी अनोखी बात को।"
Abstract
जल्दी का काम सैतान का
Garima Maurya · 1 min read · 216 reads
थक गए हो…” ज्योंही वह आराम करने बैठा लोमड़ी ने लपककर उसे खा लिया।
Classics
फैसला
Manju Saraf · 2 min read · 620 reads
सीता की तरह अग्निपरीक्षा अब नारी को देने की जरूरत नहीं वह अब अपने सही फैसले लेने स्वयं
Inspirational
"संदली की पुकार को दें आकार"
Aarti Ayachit · 6 min read · 468 reads
बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा, सलामत रहे दोस्ताना हमारा
Tragedy
डायरी जून 22
हरि शंकर गोयल · 4 min read · 221 reads
और ये जो लिबरल आंसू गिर रहे हैं न, ये आंसू हमें अच्छे लगे सखी।
Abstract
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