by Neha Sinha ✓ · 27 May 2019
हम जो भी काम करते हैं वो तो अपने घर का और अपनों का ही हैं तो रोज़ रोज़ का रोना कैसा? घंटों गॉसिप करते समय का दुरुपयोग करतें हैं और सोचते हैं हमारे पास समय कहां?
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