StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat#AAJAADIINPRIVATESCHOOL15AUGUST
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- १५ अगस्त प्राइवेट स्कूल मेंAmritesh Ranjan · 2 min read · 7.3K readsसुनकर सूरज चुपचाप मायूसी और मासूमियत से बाहर से ही परेड और तिरंगे को फहराते और लहराते हुए एकटक देखता रहा ,उस राष्ट्र गान को भी उसने बाहर से ही गुन गुनाने लगा ,खत्म होते ही वो चुपचाप बाहर जाने लगा ,दूकान में छनती हुई जलेबीयों को एकटक निहारने ,लगा,अचानक पीछे से दौड़ता हुआ टिंकू आया सूरज की नन्ही नन्ही हाथो में अपने हिस्से के मिले जलेबी में से उसे थमा दिया -"ये ले", दोनों घर की तरफ चल पड़े | जाते ही ,बेड पर लेटी हुई बीमार पड़ी माँ की मुंह में जलेबी के टुकड़े रखने की कोशिश की -"म म मम्मी जलेबी ," देखते ही मम्मी की आँखे आंसुओ से छलक पड़ी और उस टुकड़े को खुद मां अपने लाडले के मुंह में रखते हुए बोली - "तुम खा लो ,जलेबी तुम्हें बहुत पसंद है न ?".....प्राइवेट स्कूल वालो तुम्हारे स्कूल में कुछ ऐसे भी बच्चे पढ़ते है जिनके माँ बाप सिर्फ तुम्हारी फ़ीस भर पाते है तुम्हारी हर जरुरतो को पूरा नहीं कर सकते इसलिए सिर्फ जूते और ड्रेस की वजह से उन्हें बाहर मत निकालना |Children
- "मुफ्त का दूध" भाग - 2Principal Rasik Gupta · 5 min read · 123 readsवो अलग बात है कि जनता अपने इस हक़ को लगभग तिलांजलि ही दे चुकी थी।Abstract
- तफ्तीश जारी हैDEEPAK GIRKAR · 1 min read · 211 readsइस उपन्यास का लेखक एक विचाराधीन कैदी है, जो पिछले 15 वर्षों से एक जेल में बंद है और एकOthers
- महिला दिवसAMIT KUMAR SAHU · 1 min read · 1.8K readsमहिला - दिवस...।Drama
- द लाॅकडाउन डायरीसAnwesha De · 1 min read · 368 readsउन्हीं ख्यालों और स्मृतियों के मिले-जुले रंगों को शायद थोड़ा और समझती हुई।Abstract
- कंजूस बनिया सेठAmogh Agrawal · 1 min read · 279 readsन ही अन्य लोगों की तरह मेरे परिवार का हाल करते हैं।Inspirational
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