Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#HindiShortStory
1149 storys
त्याग
Sanket Singh · 2 min read · 7.7K reads
दोनों स्कूल की छत पर जाने वाली सीढ़ियों के आखिरी सिरे पर अपनी नोटबुक के कुछ पन्ने फाड़, उन्हें किसी फूलों की चादर सा बिछा उसपर बैठे थे.
Others
किरदार
Ajay Oza · 10 min read · 14.4K reads
मेरी तरफ और पिताजी की तरफ देखते हुए वह हालात की गंभीरता को परखने की कोशिश करता है। इतने में तो मिता ने सारे पड़ोसियों को बुला लिया। उसने डॉक्टर को और रिश्तेदारों को भी फोन कर दिए। कुछ ही समय में सारे लोग घर में इकठ्ठा होने लगे।
Inspirational
लॉकडाउन में प्रेम को झांकती एक बालकनी
Kallol Mukherjee · 3 min read · 140 reads
प्रेम ही है जो समाज को बांधे हुए हैं। प्रेम ही सत्य है।
Abstract
आखिरी क्या (लप्रेक)
Sanket Singh · 1 min read · 7.4K reads
मधुबन था तो खतरनाक, अक्सर बी. एच. यु. के प्रॉक्टर का छापा जोड़ो की तलाश में पड़ता रहता था वहाँ. पर सुकून भी है बहुत वहाँ. आधुनिक कला के कुछ नमूने पार्क में जगह-जगह लगे हुए थे. बड़े-बड़े दरख़्त और छोटी छोटी फूलदार झाड़ियाँ मिलकर छाँव और आड़ दोनों देते हैं.
Others
साथ (लप्रेक)
Sanket Singh · 1 min read · 1.6K reads
लप्रेक अर्थात लघु प्रेम कथा, इसका पहला साक्षात्कार मुझसे रवीश कुमार जी के फेसबुक पोस्ट और उनके ब्लॉग से हुआ, इसके पश्चात उनकी किताब ‘इश्क़ में शहर होना’ से लप्रेक पर फुर्सत में ध्यान गया.
Others
नास्तिक-लघु प्रेम-कथा
Sanket Singh · 1 min read · 7.2K reads
दोनों ने एक पंडा की दुकान पर जूते-चप्पल उतरे, हाथ धोये और पानी मिले दूध का कलश, दो फुनगी मदार, एक धतूरे का फूल और एक फल, ११ बेलपत्र लेकर मंदिर की गली में लगी लम्बी लाईन में लग गए ।
Abstract
Loading…
Next page →