Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#Reality
9 storys
स्वप्न ही शेष है !
Vivek Tariyal · 4 min read · 7.4K reads
क्या वास्तव में यह स्वप्न मात्र दिवास्वप्न बनकर रह जाने के लिए था? क्या हमारे वीरों और वीरांगनाओं ने ऐसे ही भारत की कल्पना की थी ? क्या हम आगे बढ़ने की होड़ में इतने पीछे रह गए हैं की अब न तो हमें आगे बढ़ने की समझ है और न ही हमारे पास पीछे मुड़ने का विकल्प ही शेष है? क्या यही मानवता है? क्या यही सद्चरित्र है? क्या हम यूँ ही मौन रहेंगे? क्या सभ्यता के ऊपर होते इस प्रहार का हमारे पास कोई जवाब नहीं? क्या हम अपना खून अपने ही हाथों नहीं कर रहे? क्या हमारा अस्तित्व हमारे ऊपर ही बोझ बनकर रह गया है? क्या हम इतना भी नहीं सोच पा रहे हैं की हम अपने ही पतन का कारण बनते जा रहे हैं? क्या हम पूरी सभ्यता को काल का ग्रास बनाना चाहते हैं?
Inspirational
अनमोल रिश्ता भाग 2
Navya Agrawal · 6 min read · 231 reads
ओह.. वो आप हमारे फैमिली ग्रुप में है और मुझे पता नहीं था कौन है.
Others
रजस्वला होना पाप नहीं
Navya Agrawal · 11 min read · 216 reads
(पर्दा गिर और हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने लगी।)
Drama
एक औरत
M S · 3 min read · 364 reads
दीवार के शून्य में घूरती हुई गरीबी के वो खुशी में मिलकर जिए दिन याद करती है।
Drama
आधा सच
Priyanka Gupta · 6 min read · 372 reads
शास्वत ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा ,"मम्मी पापा ने अपने सभी फंड्स दान कर दिए हैं!
Others
सिन्ड्रेला
Swati Grover · 3 min read · 154 reads
बस यही की उसे अब कोई सिन्ड्रेला नहीं कहता माँ भी नहीं !
Drama
Loading…
Next page →