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#Youth
4 storys
बहके कदम
Ashish Kumar Trivedi · 3 min read · 14.6K reads
बहके कदम...।
Crime
स्वप्न ही शेष है !
Vivek Tariyal · 4 min read · 7.4K reads
क्या वास्तव में यह स्वप्न मात्र दिवास्वप्न बनकर रह जाने के लिए था? क्या हमारे वीरों और वीरांगनाओं ने ऐसे ही भारत की कल्पना की थी ? क्या हम आगे बढ़ने की होड़ में इतने पीछे रह गए हैं की अब न तो हमें आगे बढ़ने की समझ है और न ही हमारे पास पीछे मुड़ने का विकल्प ही शेष है? क्या यही मानवता है? क्या यही सद्चरित्र है? क्या हम यूँ ही मौन रहेंगे? क्या सभ्यता के ऊपर होते इस प्रहार का हमारे पास कोई जवाब नहीं? क्या हम अपना खून अपने ही हाथों नहीं कर रहे? क्या हमारा अस्तित्व हमारे ऊपर ही बोझ बनकर रह गया है? क्या हम इतना भी नहीं सोच पा रहे हैं की हम अपने ही पतन का कारण बनते जा रहे हैं? क्या हम पूरी सभ्यता को काल का ग्रास बनाना चाहते हैं?
Inspirational
पन्द्रह मिनट प्यार के
Harish Sharma · 11 min read · 261 reads
उनका साथ जैसे खुशबू बनकर उनके खून में दौड़ने लगा था।
Romance
"हमेशा-हमेशा" -- 2
Aditi Jain · 6 min read · 336 reads
रिश्तेदारों से घर खाली होते ही वो अपनी असलियत पर उतर आया।
Tragedy