
पहले वाला व्यक्ति फिर बोला "चुप करो! इसके पुरखों का बदला आज इससे ले लो फिर हमारे वंशज आज की गई हमारी गलतियों की सजा भुगतेंगे। इसका कोई अंत भी होगा क्या। आँख के बदले आँख लेने से पूरी दुनिया अंधी हो जायेगी। गरीब मजबूर आदमी किसी जाती धर्म का नही है। तुम्हें किसने इस दलदल में पड़े रहने को कहा था। कितनी सुविधाएं है, आरक्षण है, लाभ क्यूँ नहीं उठाते। ढंग की पढाई करवाओ बच्चों की, इस पीएचडी वाले जैसी नहीं। जितनी शारीरिक मेहनत करते हो, उसकी आधी दिमाग की भी कसरत कर लो।"
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