
फिर उसके कदम चल पड़े थे पार्क की ओर। उसकी एक झलक देखने के लिए वो व्याकुल हो जाता था। ऐसा नहीं था कि वो बहुत खूबसूरत थी बस एक अजीब सी कशिश थी उसके सांवले -सलौने चेहरे में। परियों सी सफेद शिफान की साड़ी जिस पर चमकदार जरी का बार्डर। माथे पर छोटी सी सफेद बिंदिया, नाक में छोटी सी नथुनिया, करीने से लगा लिप लाइनर, कानों में छोटी छोटी सी मोती की बालियां, मांग में दिपदिपाती सिंदूर की लाल रेखा, बड़ी -बड़ी सी कजरारी आँखें जिनमें उदासी की नामालूम सी परत घुली होती। किसी परी के होने का गुमां सा लगता था।
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