by Saket Shubham ✓ · 14 Oct 2018
काश की तुमसे मिल के तुम्हारा धन्यवाद कर पाती। लेकिन इन सब में मैं इतनी खो गयी कि तुम्हारे सपने का सोच नहीं पाई। माफ कर देना..
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