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Story · Inspirational

आलमपनाह

by Ria Sharma ✓ · 30 Aug 2017

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एक दिन कुछ गाँव वालों के साथ वह दिल्ली आ गया। उसने सुना था कि दिल्ली बड़े दिल वाला शहर है। वहाँ पर अमीर-गरीब सभी को मेहनत करने पर रोटी और रात को सोने का ठिकाना मिल जाता है। उसके काका ने उसे पास के ढाबे में बर्तन धोने पर लगा दिया था। शहर का मिज़ाज़ समझते और दुनियादारी सीखते दो वर्ष बीत गए थे। वह देर रात तक ढाबे और होटलों में बर्तन सफाई करता और आधा -अधूरा पेट खाना खा कर वहीं कहीं सो जाता था। मालिकों की डांट, गालियाँ सुनकर और तिरस्कार पाकर वह ज़िंदगी के पाठ सीखने लगा।..... 

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आलमपनाह · StoryMirror