
चूँकि, अम्मी एक सभ्य समाज की सभ्य औरत भी है , उसे पता है मान-मर्यादा,इज़्ज़त किसको कहते हैं। उसे बताया गया कि एक अच्छी बहू किस तरह की होती है। उसे यह भी बताया गया कि ससुराल की बातों को नैहर में बताया नहीं करते। चूँकि, अम्मी धार्मिक है। फ़रिश्ते आये थे रूह कब्ज़ करने , लेकिन अम्मी के ज़ेहन में सिर्फ और सिर्फ हमारा चेहरा था। हमारे परवरिश की चिंता थी। बताते हैं कि वह हमारे वज़ह से खुदा से और चाँद साँसें मोहलत की मांग ली।
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