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Story · Others

अण्डा

by Pratap Sehgal ✓ · 21 Aug 2017

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अपने स्कूटर को पवन ने पार्किंग में लगाया और बाड़ा हिन्दू राव अस्पताल की ऊँची इमारत को देखने लगा। जब वह यूनिवर्सिटी आता तो कई बार इधर से ही निकलता था। रिज का रास्ता उसे खुला और कुदरती खुशबू से भरा लगता था। तब दिल्ली में इतनी भीड़ नहीं थी कि कहीं भी चैन से चलने या ड्राइव करने की जगह न मिले। दो-एक बार वह अपनी प्रेमिका के साथ भी इधर घूमने आ चुका था। उसने अस्पताल को कभी इस नज़र से देखा नहीं था कि कभी उसके अन्दर भी जाना पड़ सकता है। आज उसे उस अस्पताल के अन्दर जाना था।

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