by Neha Tiwari ✓ · 14 Aug 2017
उनके पास एक आदमी मुह पर रुमाल बाँध कर आँखे बंद कर बैठा था। जब से मैं बस में चढ़ी थी। वो तब से ऐसे ही था।पहले सीट दूर थी, अब, जब पास बैठने का सौभाग्य मिला तब समझ आया भाई साहब पौवा लगा के बैठे हैं।टीचर जी ने शिकायत लगा दी कंडक्टर को।
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