शिक्षक एक मार्गदर्शक के रूप में अपने बच्चों को सही मार्ग दिखाता है, शिक्षक की बराबरी कोई नहीं कर सकता! शिक्षक एक गुरु समान होता है तभी तो कहा गया है गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा गुरुर साक्षात परम ब्रम्ह तस्मै श्री गुरुवे नमः!
गुरु की तुलना ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों से की गई है! गुरु की समान इस धरती पर कोई और शिक्षक नहीं हो सकता गुरु है तो इस जीवन का कायाकल्प हो सकता है पतन की ओर से विद्यार्थी उन्नति की ओर बढ़ सकता है आत्मा से परमात्मा में मिलन में गुरु ही सहायक होता है!
Loading comments…