by Neha Agarwal neh ✓ · 29 Jul 2017
एक एक दिन गिन कर गुज़ार रही थी कली पर लगता था कि, यह दस दिन सदियों में बदल गऐ है ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहे।कब पहुँचेगी वो अपने जीवनसाथी के पास ।सफ़र के तीन दिन कैसे गुज़ारे थे
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