by अनिल श्रीवास्तव "अनिल अयान" ✓ · 21 Aug 2017
एक डाक्टर की कहानी जिसमें उसके पिता से उसकी मुलाकात भी इंतजार की लंबी यात्रा में एक स्वाति की बूंद की तरह ही रही। जब वह अपनी मां के हालात के बारे में जाना तब क्या हुआ। यही इस कहानी का सौंदर्य है।
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