
असान नहीं है कविताएँ लिख पाना,क्योंकि असान नहीं है,स्वार्थता, आत्ममुग्धता,और आतुरता को सयंमित कर पाना,ख़ुद के जीवन और जीवन की विडम्बनाओं से बहार निकल,किसी और के भावसंसार में झांकना,असान नहीं है,रेत में पानी और सीपियों में प्रेम तलासना,उदंडता,अधीरता और उदिग्नता में,शांति और सौहार्द की प्रतीक्षा करना,असान नहीं है कविताएँ लिखना@ मनोरंजन
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