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by Saroj Vermaलफ्फाजी....
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होली का माहौल था,मेरे दोस्त सुधांशु को पता नहीं क्या सूझी,दो चार गिलास भाँग चढ़ा गया और भाँग पीकर जो उसने ताण्डव किया, वो देखने लायक था,भाँग पीकर वो नशे मे झूमते हुए बोला, मुझे पकड़ कर रख सोहम देख मैं हवा में उड़ रहा हूं।।

मैने कहा,"तू चिंता मत कर मैं ने तुझे पकड़ रखा हैं, तू नहीं उडे़गा" और मैं उसे लेकर उसके घर पहुंचा, आंटी बोली, "सोहम बेटा जा इसे इसके कमरे मे पहुंचा दे,थोड़ी देर इसके पास बैठ ,ये सो जाए तो चले जाना,मैं आज थोडी़ बिजी हूं" ,इतना कहकर आंटी चली गई।।

अब सुधांशु ने रोना शुरु कर दिया, रोते रोते बोला___

"पता है,मैं इतना गरीब कैसे हुआ, पहले मैं बहुत अमीर हुआ करता था,लेकिन कुछ हरामखोरों ने मेरा उधार नहीं चुकाया इसलिए मेरा ये हाल है, तुझे पता है कि अनिल अम्बानी ने मुझसे उधार लेकर ही नीता अम्बानी को चार्टर्ड प्लेन गिफ्ट किया था,हरामखोर ने अभी तक मेरा उधार नहीं चुकाया, सुन रहा है ना तू।।"

मैंने कहा,"हां!यार सुन रहा हूं।।"

वो फिर बोला__"और पता है तुझे मैं कितना बडा़ सेफ होता था, सारे मसालों के बारे मे मुझे पता था और पता है वो एम.डी.एच.मसाले वाला बुड्ढा महाशय धरमपाल गुलाटी उसके साथ एक दिन बैठकर दारू क्या पी ली,उसने शराब के नशे मे मसालों का राज जान लिया और खुद बहुत बड़ी कम्पनी खोलकर मुझसे दोस्ती तोड़कर अपने घर से लात मारकर निकाल दिया।और तुझे पता हैं भाई,मेरे दु:खों का सिलसिला यही नहीं थमा,वो सउदिआ का प्रिंस हैं मौहम्मद बिन सलमान उसे मैनें एक खरब मे ताजमहल बेचा था लेकिन उसनें भी अभी तक मेरा पैसा नहीं दिया इसलिए तो मैने उसे अभी तक असली कागजात नही दिए,अपनी अलमारी मे मैने अभी तक छुपा कर रखें।"

मैने कहा, "बहुत बढ़िया और जब तक पूरे पैसे ना देदे तो कागजात मत देना।"

वो बोला, "भाई! और सुन मेरी दर्द भरी दास्तां, पता है ट्रम्प भारत से दो दिन मे ही क्यों चला गया, मैंनें उसके साथ बिजनेस शुरु किया,बहुत प्रोफिट हुआ लेकिन साले ट्रम्प की नीयत खराब थी,मेरे अरबों खरबों रूपए डकार गया और उसनें भी लात मारकर अपने देश से निकाल दिया लेकिन मैं भी उसे धमकी देकर आया था कि इसका बदला मैं लेकर रहूँगा, जब वो अभी भारत आया था मैने उसे फोन करके धमकी दी कि मेरे पैसे लौटा दे नहीं तो साले तेरी वीबी मिलेनिया को उठवा लूंगा इसलिए तो साला दो दिन मे यहां से भाग गया, भाई बहुत रोना आ रहा हैं मुझे अपना कंधा दे ना।"

और सुधांशु मेरे कंधे पर सिर रखकर रोते रोते बोला, "भाई लगता हैं तुझे दुख नही हुआ तू रो नही रहा।"

मैंनें कहा,"देख रो तो रहा हूं।"

सुधांशू ने आंसू पोछें, फिर बोलना शुरु किया,"ये बिल गेट्स, टाटा बिरला कुछ भी नहीं हैं मेरे सामने, माल्या और मोदी भी मेरे कर्जदार हैं, बस मैं ये किसी से कहता नहीं हूँ कि मेरे पास बहुत पैसे हैं, मैं बहुत ही साधारण तरीके से रहता हूं, पता है माली काका और ड्राइवर के बेटों के कपड़े मांगकर पहनता हूं ताकि मैं साधारण दिखूं, भाई आज बहुत हुआ और ये सब तू किसी से कुछ कहना मत,अब मुझे नींद आ रही हैं अब मैं सोऊंगा, तू अब जा और हां आज के बाद पैसों की चिंता मत करना, तेरा भाई अभी जिंदा हैं और इतना कहते कहते सुधांशू नींद के आगोश़ मे चला गया।"

     


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