
ये कहानी है एक ऐसी परंपराओं की जहाँ पर लड़कियों की ज़िन्दगी सिर्फ घर की चार दीवारी तक ही सीमित रहती है और इसी कहानी में आप पाऐंगे कि कैसे लोग महज़ बीस साल की लड़की की भावनाओं के साथ खेलते है। कैसे उसे शारीरक और मानसिक तौर पर परेशान किया जाता है। कैसे उसे हर मोड़ पर धोखे मिलते है
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