by Sanket Singh ✓ · 28 Aug 2017
...हम दोनों संत रविदास पार्क में दुनिया से नज़र बचा कर एक झाड़ी के पीछे बैठे थे. हमेशा यु ही होता रहा था, मिलने के कुछ समय तक हम शांत बैठे एक दूसरे को नि.हारते रहते, जब कुछ वक़्त ....
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