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Story · Abstract

मज़हब

by Prateek Tiwari (तलाश) ✓ · 13 Aug 2018

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उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि आज वो जीता है या हारा। उसने अपने दोस्त की मौत का बदला लिया है या धर्म के नाम पर ख़ुद ही लुट गया

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