by Suraj Prakash ✓ · 22 Aug 2017
उसे अपने आप पर बहुत शर्मिंदगी होने लगी। चुपचाप अपनी सीट पर आकर बैठ गया और शीशा चढ़ा दिया। एकदम उदास हो गया। कितने बड़े भ्रम में था वह अब तक। उस तरफ की दुनिया। ऊहं!!
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