StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- "मुफ्त का दूध" भाग - 2Principal Rasik Gupta · 5 min read · 123 readsवो अलग बात है कि जनता अपने इस हक़ को लगभग तिलांजलि ही दे चुकी थी।Abstract
- १५ अगस्त प्राइवेट स्कूल मेंAmritesh Ranjan · 2 min read · 7.3K readsसुनकर सूरज चुपचाप मायूसी और मासूमियत से बाहर से ही परेड और तिरंगे को फहराते और लहराते हुए एकटक देखता रहा ,उस राष्ट्र गान को भी उसने बाहर से ही गुन गुनाने लगा ,खत्म होते ही वो चुपचाप बाहर जाने लगा ,दूकान में छनती हुई जलेबीयों को एकटक निहारने ,लगा,अचानक पीछे से दौड़ता हुआ टिंकू आया सूरज की नन्ही नन्ही हाथो में अपने हिस्से के मिले जलेबी में से उसे थमा दिया -"ये ले", दोनों घर की तरफ चल पड़े | जाते ही ,बेड पर लेटी हुई बीमार पड़ी माँ की मुंह में जलेबी के टुकड़े रखने की कोशिश की -"म म मम्मी जलेबी ," देखते ही मम्मी की आँखे आंसुओ से छलक पड़ी और उस टुकड़े को खुद मां अपने लाडले के मुंह में रखते हुए बोली - "तुम खा लो ,जलेबी तुम्हें बहुत पसंद है न ?".....प्राइवेट स्कूल वालो तुम्हारे स्कूल में कुछ ऐसे भी बच्चे पढ़ते है जिनके माँ बाप सिर्फ तुम्हारी फ़ीस भर पाते है तुम्हारी हर जरुरतो को पूरा नहीं कर सकते इसलिए सिर्फ जूते और ड्रेस की वजह से उन्हें बाहर मत निकालना |Children
- अन्य आयMadhu Arora · 2 min read · 8K readsआव़ाज उठाने के जुर्म में, 'अन्य आय' वालों का 'अन्याय' गुप्ता जी पर कहर बनकर टूट पड़ा....।Drama
- प्रिज़्मRita Chauhan · 7 min read · 8.3K readsमेरा प्रिय शिष्य- कपिल शर्मा , श्री मोहन शर्मा जी का पुत्र।
आज मैंने अपने बच्चों को बताया की मैंने सीख लिया है की मेरे शिक्षChildren
- बदलती ज़िंदगी की राहUsha Singh · 3 min read · 7.7K readsएक ऐसी लड़की, निशा की कहानी जिसने ज़िंदगी के हर उस पहलू को जिया है जिसे बहुत कम लोग महसूस कर पाते हैं।
[ कहानी का पहला भाग ]Drama
- आंकड़ों का पुरस्कारVikas Sharma · 3 min read · 7.9K readsगर्मियों की छुट्टियाँ ख़त्म हो गई थी , स्कूल और इससे जुड़े सभी समूह फिर से जाग्रत अवस्था में आ गये थे...Drama
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