अखिल का इंटरव्यू भी अच्छे से निकल गया अब उसे अपने सबसे बड़े मददगार के पास जाकर उन अधिकारी का धन्यवाद करना था वो उनके घर गया कुरेशी जी का भी ख़ुशी से लफ़्ज़ नहीं निकल रहे थे उन्होंने ने अखिल को अपने गले से लगाकर बधाइयां दी ये सिर्फ तुम्हारी मेहनत और तुम्हारे बाबा का सपना पूरा हुआ .... बेटाअखिल तुम कामयाबी की चकाचौंध में अपने बाबा-माँ का ध्यान रखना,ये हमेशा याद रखना कभी अपने उसूलों से समझोता मत करना .।
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