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33 storys
आखिरी क्या (लप्रेक)
Sanket Singh · 1 min read · 7.4K reads
मधुबन था तो खतरनाक, अक्सर बी. एच. यु. के प्रॉक्टर का छापा जोड़ो की तलाश में पड़ता रहता था वहाँ. पर सुकून भी है बहुत वहाँ. आधुनिक कला के कुछ नमूने पार्क में जगह-जगह लगे हुए थे. बड़े-बड़े दरख़्त और छोटी छोटी फूलदार झाड़ियाँ मिलकर छाँव और आड़ दोनों देते हैं.
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साथ (लप्रेक)
Sanket Singh · 1 min read · 1.6K reads
लप्रेक अर्थात लघु प्रेम कथा, इसका पहला साक्षात्कार मुझसे रवीश कुमार जी के फेसबुक पोस्ट और उनके ब्लॉग से हुआ, इसके पश्चात उनकी किताब ‘इश्क़ में शहर होना’ से लप्रेक पर फुर्सत में ध्यान गया.
Others
मेरा वतन
Bhim Bharat Bhushan · 2 min read · 14.4K reads
शायद कोई पुरानी यादें उसकी भावनाओं को धकेल रही थी| अभी 10 दिन पहले न्यूयार्क से भारत आया सतीश हर उस जगह गया था, जहाँ उसने अपना बचपन बिताया था | हर उस दोस्त से मिला जो उसके साथ पढ़ा और खेला था |
Inspirational
उम्रदराज प्रेमी
Bhim Bharat Bhushan · 2 min read · 14.6K reads
”विलम्ब अवसरों को दफना देता है”
Fantasy
तू चीज़ बड़ी है मस्त...
Manvi Wahane · 2 min read · 14.1K reads
लड़का स्पष्ट समझ गया... वह 'मस्त' तो बड़ी थी पर 'चीज़' कतई नहीं...
Comedy
नास्तिक-लघु प्रेम-कथा
Sanket Singh · 1 min read · 7.2K reads
दोनों ने एक पंडा की दुकान पर जूते-चप्पल उतरे, हाथ धोये और पानी मिले दूध का कलश, दो फुनगी मदार, एक धतूरे का फूल और एक फल, ११ बेलपत्र लेकर मंदिर की गली में लगी लम्बी लाईन में लग गए ।
Abstract
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