वो शुभि को ओटो से उसके स्टॉप तक छोड़ने जा रहा था। लम्बी खामोशी के बाद झिझकते हुए अम्बर ने अपना हाथ शुभि की ओर बढ़ाया, चाहता था कि शुभि भी अपना हाथ आगे बढ़ाकर उसको थाम ले।
शुभि ने पूछा, '' क्या?''
उसने कहा, ''कुछ नहीं'' और अपना हाथ पीछे ले लिया।
फिर वही लम्बी खामोशी दोनों के बीच। शुभि को ड्रॉप कर अम्बर भी अपने रास्ते चला गया।
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